शुक्रवार, 11 दिसंबर 2009

उन सबको धन्यवाद मेरा

उन सबको धन्यवाद मेरा।

दुख मुझको देकर जिस-जिस ने
है सिखा दिया गम को पीना,
मुँह मोड़, छोड़ मुझको जिसने,
है सिखा दिया तन्हा जीना;
उनको है साधुवाद मेरा।

अपमान मेरा करके जिसने,
सम्मान क्षणिक यह सिखलाया,
जिस-जिस ने हो मेरे खिलाफ,
अपनों तक मुझको पहुँचाया;
है उनको साधुवाद मेरा।

जिस जिस ने मुझे पराजित कर
अभिमान मेरा है चूर किया,
डर दिखा भविष्यत का मुझको
आलस्य मेरा है दूर किया;
उनको है साधुवाद मेरा।

1 टिप्पणी:

  1. वाह
    अत्यंत उत्तम लेख है
    काफी गहरे भाव छुपे है आपके लेख में
    .........देवेन्द्र खरे
    http://devendrakhare.blogspot.com

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