रविवार, 27 जून 2010

अम्ल, क्षार और गीत

मेरे कुछ मनमीत,
अम्ल, क्षार और गीत।

एक खट्टा है,
दूसरा कसैला है,
तीसरे के सारे स्वाद हैं।

पहला गला देता है,
दूसरा जला देता है,
तीसरा सारे काम कर देता है।

पहले दोनों को मिलाने पर,
बनते हैं लवण और पानी,
अर्थात खारा पानी,
अर्थात आँसू,
और तीनों को मिलाने पर,
बन जाता हूँ मैं।

3 टिप्‍पणियां:

  1. अम्ल में लिटमस होता लाल,
     क्षार में होता नीला।
    शोरे अम्ल में पड़े प्रोटीन, 
    बन जाए रंग पीला ॥

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