रविवार, 5 जून 2011

कविता : विद्रोह

विरोध कायम रहे
इसके लिए जरूरी है
कि कायम रहे
अणुओं का कंपन

अणुओं का कंपन कायम रहे
इसके लिए जरूरी है
विद्रोह का तापमान

वरना ठंढा होते होते
हर पदार्थ
अंततः विरोध करना बंद कर देता है
और बन जाता है अतिचालक

उसके बाद
मनमर्जी से बहती है बिजली
बिना कोई नुकसान झेले
अनंत काल तक

4 टिप्‍पणियां:

  1. वैज्ञानिक द्रष्टिकोण से आक्रोश को व्यक्त करना बहुत सुंदर ....

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  2. इंजीनियर हावी होने लगा है कवि पर, ये एक अच्छा संकेत भी हो सकता है| बधाई मित्र|

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