सोमवार, 1 अगस्त 2011

कविता : कालजयी प्रेम

अगर हमारे जीवन में ऐसा यंत्र बना
जो मानव शरीर को परमाणुओं में बदलकर
सुदूर स्थानों पर भेज दे

तो तुम्हारी मृत्यु के पश्चात
मैं तुम्हें बाँहों में भरकर
परमाणुओं में बदल जाऊँगा
तुम्हारे हर परमाणु से
मेरा एक परमाणु जुड़ जाएगा
और वह यंत्र हमारे
हर परमाणु जोड़े को
ब्रह्मांड के सुदूर कोनों में भेज देगा

हमारा हर परमाणु जोड़ा
क्वांटम जुड़ाव के द्वारा
काल का अस्तित्व समाप्त होने तक
दूसरे जोड़ों से जुड़ा रहेगा
और इस तरह
हमारा प्रेम
सर्वव्यापी और कालजयी हो जाएगा

3 टिप्‍पणियां:

  1. अगर हमारे जीवन में ऐसा यंत्र बना
    जो मानव शरीर को परमाणुओं में बदलकर
    सुदूर स्थानों पर भेज दे

    तो तुम्हारी मृत्यु के पश्चात
    मैं तुम्हें बाँहों में भरकर
    परमाणुओं में बदल जाऊँगा
    तुम्हारे हर परमाणु से
    मेरा एक परमाणु जुड़ जाएगा
    और वह यंत्र हमारे
    हर परमाणु जोड़े को
    ब्रह्मांड के सुदूर कोनों में भेज देगा... waah, bahut hi sukhad kalpna

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  2. अमर प्रेम की सुंदर जुगाड़ ढूँढी है भाई - जय हो

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