(एक काल्पनिक तरंगकण जो आयामों के बंधन से मुक्त है और गुरुत्वाकर्षण बल का वाहक है)
vicharniye khayaal ...bahut achchi kshanika.
बढ़िया सोच ।आभार भाई जी ।।
पाते हैं जो लाभ नित, करते हैं तारीफ़ ।जाकर उनसे भी मिलो, पूछो क्या तकलीफ । पूछो क्या तकलीफ, ताप कुछ ऐसा सहते ।दिन पाए ना बीत, मूक हो तपते रहते ।रविकर हैं नाराज, बड़ी लम्बी हैं रातें ।करे नहीं आवाज, बड़ी मुश्किल में पाते ।।
बहुत बढ़िया सर!सादर
जो मन में आ रहा है कह डालिए।
vicharniye khayaal ...bahut achchi kshanika.
प्रत्युत्तर देंहटाएंबढ़िया सोच ।
प्रत्युत्तर देंहटाएंआभार भाई जी ।।
पाते हैं जो लाभ नित, करते हैं तारीफ़ ।
हटाएंजाकर उनसे भी मिलो, पूछो क्या तकलीफ ।
पूछो क्या तकलीफ, ताप कुछ ऐसा सहते ।
दिन पाए ना बीत, मूक हो तपते रहते ।
रविकर हैं नाराज, बड़ी लम्बी हैं रातें ।
करे नहीं आवाज, बड़ी मुश्किल में पाते ।।
बहुत बढ़िया सर!
प्रत्युत्तर देंहटाएंसादर