मंगलवार, 21 जुलाई 2015

लघुकथा : बल्ब और सीएफ़एल

सीएफ़एल बोली, "हे बल्ब महोदय! आप ऊर्जा बहुत ज्यादा खर्च करते हैं और रोशनी बहुत कम देते हैं। मैं आपकी तुलना में बहुत कम ऊर्जा खर्च करके आपसे कई गुना ज्यादा रोशनी दे सकती हूँ।"

बल्ब महोदय ने चुपचाप सीएफ़एल के लिए कुर्सी खाली कर दी। रोशनी फैलाने वालों के इतिहास में बल्ब महोदय का नाम स्वर्णाक्षरों में लिखा गया।

2 टिप्‍पणियां:

  1. बल्ब और सी एफ एल की लघुकथा बहुत ही रोचक लगी ऐसेही रोचक और मजेदार लघुकथा पोस्ट करते रहे,
    धन्यवाद्

    उत्तर देंहटाएं

जो मन में आ रहा है कह डालिए।