गुरुवार, 17 नवंबर 2011

बालगीत : छोटी सी पापा की कार

छोटी सी पापा की कार
जिसमें लगते पहिए चार
सीटें इसकी गद्देदार
हरदम चलने को तैयार

पापा को दफ़्तर ले जाए
विद्यालय मुझको पहुँचाए
शाम ढले बाजार घुमाए
फिर हम सबको घर ले आए

जब मैं खूब कमाऊँगा
बड़ी कार ले आऊँगा
माँ, पा को बैठाऊँगा
दूर दूर ले जाऊँगा
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इस बालगीत को आप मेरे पुत्र नव्य की आवाज़ में सुन सकते हैं। सुनने के लिए नीचे दी गई कड़ी पर जाएँ।


14 टिप्‍पणियां:

  1. जब मैं खूब कमाऊँगा
    बड़ी कार ले आऊँगा
    माँ, पा को बैठाऊँगा
    दूर दूर ले जाऊँगा... bilkul aisa hi ho

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  2. बहुत सुन्दर ||

    दो सप्ताह के प्रवास के बाद
    संयत हो पाया हूँ ||

    बधाई ||

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  3. बहुत सुंदर बालगीत, हर बच्चे की मन की बात हैं इसमें.

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जो मन में आ रहा है कह डालिए।