बुधवार, 1 अगस्त 2012

ग़ज़ल : दूर देश से आई रानी ऐसे शासन कर पाई


दूर देश से आई रानी ऐसे शासन कर पाई
राजकुमार बड़ा होने तक राजा का गुड्डा लाई

दोषी कैसे हो सकता है अच्छे पापा का बेटा
मम्मी का प्यारा बच्चा वो सुंदर बहना का भाई

दोनों में से जिसको चाहो अपनी मर्जी से चुन लो
इक विकल्प है अंधकूप औ’ दूजा है गहरी खाई

हाथी पर बैठी रानी को देख सकी न प्रजा जब तो
राजकोष खाली कर अपनी ऊँची मूरत बनवाई

सदियों से आदत थी सह लेना वंशों का दुःशासन
बाप गया तो जनता बेटे को सत्ता में ले आई

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